महापौरजी, आपका धन्यवाद जो आपने विदेश से रेहड़ी-पटरी वालों की चिन्ता की, एक वीडियो संदेश ट्रैफिक और गड्ढों को लेकर भी जारी कर देते

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इंदौर। दीपावली पर पूरे शहर में ट्रैफिक का दम निकल रहा है। सड़कों के गड्‌ढे अभी भी मुंह चिढ़ा रहे हैं। ऐसे में शहर के लोगों को अपने मित्र महापौर पुष्यमित्र भार्गव की याद रही है, लेकिन पता चला वे तो जापान के दौरे पर हैं। हां, उनका एक वीडियो संदेश जरूर दिखा, जिसमें उन्होंने रेहड़ी-पटरी वालों की चिन्ता की है। एक वीडियो संदेश शहर के ट्रैफिक और गड्ढों को लेकर भी जारी कर देते, तो त्योहार के समय लोगों को अच्छा लगता।

लोग कह रहे हैं कि शहर के भले के लिए मित्र समझकर पुष्यमित्र को महापौर चुना था, लेकिन बहुत जल्दी ही उन्होंने रंग बदल लिए। न जनता से मित्रता निभा पाए और न ही शहर से। जब भी कोई मुसीबत आती है, भाग खड़े होते हैं। लोगों ने गणपति उत्सव से लेकर नवरात्रि तक गड्‌ढों में मना लिए। संघ ने अपना पथ संचलन भी गड्‌ढे में ही निकाल लिया। अब संघ वाले तो आपको कोस सकते नहीं, इसलिए उन्होंने खुद ही गड्‌ढे भर लिए लेकिन आम जनता क्या करे?

ट्रैफिक सुधार का किया था वादा

लोगों का कहना है कि आप जब महापौर बने थे, तो आपने ट्रैफिक सुधार का वादा किया था। सफाई में तो सिर्फ अवॉर्ड के साथ फोटो खिंचवाने के अलावा आपका कोई योगदान है नहीं, कम से कम ट्रैफिक ही सुधार देते। आपने बहुत सारे ट्रैफिक मित्र भी बनाए थे। लोग जब शाम को जाम में फंसते हैं तो उनकी याद आती है, लेकिन न तो वे दिखाई दे रहे और न ही आप।

स्वच्छ शहर की बिगड़ी तस्वीर

लोग कह रहे हैं कि लंबे समय से नगर निगम में भाजपा काबिज है। कई महापौर बदल चुके, लेकिन इस दीपावली जैसा हाल पहले कभी नहीं रहा। पहले तो सड़कें सीमेंट की भी नहीं थीं। डामर की सड़कें हर साल बारिश में खराब हो जाती थीं, फिर भी अनंत चतुदर्शी की झांकी से पहले सबकुछ चकाचक हो जाता था। इस बार पता नहीं क्या हुआ कि अभी भी गड्‌ढे खुदे पड़े हैं और लोग हिचकोले खाते त्योहार मनाने को मजबूर हैं।

आप पत्र लिखकर हो जाते हो बरी

लोग कह रहे हैं कि आपने हर समस्या का समाधान पत्र मान लिया है। सड़कों के गड्‌ढों की बात हो तो आप दूसरे विभागों को दोषी ठहराते हुए सीएस को पत्र लिख देते हैं। अच्छे ट्रैफिक का वादा तो आपने किया, लेकिन इसके लिए क्या किया? आपके सारे प्रयोग तो फेल हो गए। बाजारों के बेसमेंट तो आप खाली नहीं करा पाए, जिसके कारण सबसे ज्यादा जाम लगता है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि आखिर आप कर क्या रहे हो?

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