अमित शाह का बयान: “सीमाओं से परे हो चुका है अपराध, न्याय में फोरेंसिक साइंस की भूमिका अब अनिवार्य”

0
0
अमित शाह का बयान: "सीमाओं से परे हो चुका है अपराध, न्याय में फोरेंसिक साइंस की भूमिका अब अनिवार्य"
अमित शाह का बयान: "सीमाओं से परे हो चुका है अपराध, न्याय में फोरेंसिक साइंस की भूमिका अब अनिवार्य"

अमित शाह का बयान: “सीमाओं से परे हो चुका है अपराध, न्याय में फोरेंसिक साइंस की भूमिका अब अनिवार्य”

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा है कि आज के समय में अपराध सिर्फ किसी एक जिले, राज्य या देश की सीमाओं तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि अब यह सीमाओं के पार जा चुका है। ऐसे में फोरेंसिक विज्ञान की भूमिका पहले की तुलना में कहीं अधिक महत्वपूर्ण हो गई है।

उन्होंने यह बातें ‘ऑल इंडिया फोरेंसिक साइंस समिट 2025’ में कही। उन्होंने बताया कि मोदी सरकार ने फोरेंसिक साइंस को अपराध न्याय प्रणाली का एक अभिन्न हिस्सा बना दिया है ताकि लोगों को समय पर और संतोषजनक न्याय मिल सके।

अमित शाह ने कहा,
“प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हम अपराध न्याय प्रणाली को ‘लोगों’ और ‘विज्ञान’ के केंद्र में रखकर सुधारने की दिशा में काम कर रहे हैं।”

फोरेंसिक साइंस का बढ़ता महत्व

गृह मंत्री ने कहा कि फोरेंसिक साइंस न केवल अपराधियों को सजा दिलाने में मदद करता है, बल्कि यह भी सुनिश्चित करता है कि किसी निर्दोष को सजा न हो। उन्होंने यह भी बताया कि अब नए अपराध कानूनों के तहत फोरेंसिक टीम की उपस्थिति अनिवार्य कर दी गई है।

संस्थागत विकास और प्रशिक्षण

उन्होंने कहा कि:

  • 2009 में गुजरात और 2020 में राष्ट्रीय स्तर पर फोरेंसिक साइंस यूनिवर्सिटी की स्थापना प्रधानमंत्री मोदी की दूरदृष्टि का परिणाम है।

  • इससे भारत को फोरेंसिक क्षेत्र में प्रशिक्षित विशेषज्ञों और कर्मियों की एक मजबूत फौज मिली है।

  • नेशनल फोरेंसिक साइंस यूनिवर्सिटी के तहत सात नए कैंपस पहले ही स्थापित किए जा चुके हैं और अगले छह महीनों में नौ और कैंपस खोले जाएंगे।

नीति और रणनीति पर चर्चा का मंच

अमित शाह ने फोरेंसिक साइंस समिट की सराहना करते हुए कहा कि यह सम्मेलन एक ऐसा मंच प्रदान करता है जहां देशभर के विशेषज्ञ एकत्र होकर नीतियों और भविष्य की रणनीतियों पर विचार-विमर्श करते हैं।

उन्होंने अपने संबोधन का समापन इस बात पर जोर देते हुए किया कि
“आज अगर हम पीड़ितों को समय पर न्याय दिलाना चाहते हैं, तो यह बिना फोरेंसिक साइंस के संभव नहीं है।”

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here